स्वास्तिक को इन जगहों पर नहीं बनाना चाहिए , सामना करना पड़ सकता है अशुभता का
हिन्दू धर्म में कुछ ऐसे चिह्न हैं जिन्हें घर में लगाना बेहद शुभ माना जाता है। इन्हीं में से एक है स्वास्तिक। मान्यता है कि स्वास्तिक को जिस भी वस्तु, दीवार या स्थान पर अंकित जाए वहां शुभता का वास होता है और सुख-समृद्धि बनी रहती है।वहीं, एक मत ये भी है कि स्वास्तिक अगर गलत जगह पर बनाया जाए तो इससे घर में अशुभता फैलने लगती है। हमारे
टॉयलेट-बाथरूम
टॉयलेट और बाथरूम को नकारात्मकता का संचार करने वाला स्थान माना जाता है। इस स्थान से जुड़े कई उपाय ज्योतिष भी बताए गए हैं लेकिन इस स्थान पर स्वास्तिक बनाना अशुभ माना जाता है। टॉयलेट के दरवाजे पर या अंदर की तरफ दीवार पर बनाने से नकारात्मकता बढ़ जाती है।
स्टोर रूम
ज्यादातर लोग स्टोर रूम में घर का कबाड़ ही रखते हैं या पुराना सामान रखते हैं। ऐसे में स्टोर के दरवाजे या दीवार पर स्वास्तिक नहीं बनाना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से स्वास्तिक की शुभता और शुद्धता भंग हो जाती है और वह शुभ परिणाम के बजाय अशुभ फल देना शुरू कर देता है।
शू रैक
जूते को पूजा-पाठ के स्थान से अलग या दूर रखने के लिए बोला जाता है। जूते वैसे भी अशुद्धता के तौर पर जाने जाते हैं और पूजा से जुड़ी किसी भी चीज से इनका टच होना भी पूजा सामग्री को अशुद्ध कर देता है। स्वास्तिक भी पूजा चिह्नों में से एक माना जाता है। ऐसे में इसे जूते की रैक पर नहीं बनाना चाहिए।
मंदिर
मंदिर में स्वास्तिक चिह्न बनाना शुभ और फलदायी माना जाता है। लेकिन अगर मंदिर खंडित हो चुका हो तो उसमें स्वास्तिक कभी अंकित नहीं करना चाहिए। खंडित मंदिर पर बना स्वास्तिक शुभ नहीं माना जाता है।
छत
छत की दीवार या दरवाजे पर स्वास्तिक बनाने से मना किया जाता है क्योंकि स्वास्तिक हमेशा उस स्थान पर बनाना चाहिए जो शुद्ध और स्वच्छ हो। अगर आप रोजाना छत धोते हैं और छत का दरवाजा साफ करते हैं तो ही उस पर स्वास्तिक बनाने से परहेज करें।
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