Kharmas ya malmas : शुभ काम पर एक महीने का ब्रेक, फिर भी कर सकते हैं ये पांच काम, जानें इसकी वजह
14 मार्च से 14 अप्रैल तक खरमास या मलमास की वजह से मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती हैं। लेकिन यह समय आपके लिए पूजा अर्चना, जप तप ध्यान के लिए महत्वपूर्ण है। मान्यता है जितनी कठिनाई को पार कर इष्ट की प्रार्थना की जाती है, उतना ही अच्छा फल मिलता है।
क्यों नहीं होते शुभ काम
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नवग्रहों के राजा सूर्य साल में दो बार गुरु की राशि धनु और मीन में भ्रमण करते हैं। इस समय को हिंदू धर्म में अशुभ माना जाता है और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार धनु और मीन राशि में सूर्य के भ्रमण के दौरान सूर्य का प्रभाव और शुभता मनुष्यों के लिए घट जाती है। साथ ही एक महीने तक यह स्थिति बनी रहती है और इस महीने को खरमास या मलमास के नाम से जाना जाता है।
इस अशुभ समय में हिंदू धर्म मानने वाले लोग शुभ और मांगलिक कार्य नहीं करते हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस समय शुभ काम करने से सकारात्मक फल नहीं मिलते हैं। करीब 3 महीने पहले ही सूर्य धनु राशि में भ्रमण कर रहे थे। इसी कारण इस समय शादी विवाह समेत सबी मांगलिक कार्य बंद थे।
अभी कुछ महीनों पहले ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत हुई है, इस बीच मार्च में सूर्य गुरु की दूसरी राशि में मीन में प्रवेश करेंगे और एक महीने तक इसी राशि में भ्रमण करेंगे। इससे मार्च में मलमास लग जाएगा और हिंदू धर्म मानने वालों के धार्मिक कार्य रूक जाएंगे।
मीन संक्रांति का फल
ज्योतिषियों के अनुसार मीन संक्रांति विद्वान और शिक्षित लोगों के लिए अच्छी है। इस समय वस्तुओं की लागत सामान्य होगी। लेकिन यह लोगों में भय और चिंता ला सकती है। वैसे इस अवधि में लोगों को स्वास्थ्य लाभ होगा, राष्ट्रों के बीच संबंध मधुर होंगे और अनाज भण्डारण में वृद्धि होगी
न करे ये काम
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर काम शुभ समय में करना चाहिए। इससे उसकी सफलता की संभावना बढ़ जाती है, जबकि अशुभ समय पर किए जाने वाले काम में बाधा आती है और खरमास को अशुभ समय माना जाता है।
इसलिए इस समय कोई भी नया काम शुरू करने से परहेज करते हैं, विशेष रूप से इस समय मुंडन, उपनयन, शादी समेत सभी 16 संस्कार करने पर धार्मिक रोक है।इसके अलावा इस महीने में गृह प्रवेश, नया व्यापार शुरू करने, मकान-दुकान निर्माण की शुरुआत करने पर मनाही है।
कब खत्म होगा खरमास
सूर्य किसी भी राशि में एक महीने तक भ्रमण करते हैं, इसलिए नवग्रहों के राजा सूर्य 14 अप्रैल 2025 को फिर गोचर करेंगे। इस दिन सोमवार को सुबह 3.30 बजे मेष राशि में सूर्य गोचर यानी मेष संक्रांति (सूर्य गोचर की डेट राशि की संक्रांति के नाम से जानी जाती है) के साथ खरमास खत्म हो जाएगा।
खरमास में कर सकते हैं ये 5 काम
सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास यानि मलमास का आरंभ हो गया। हिन्दू धर्म और ज्योतिष की दृष्टि से इस माह में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसके बाद जब सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होगा, तभी से शुभ कार्यों को शुरु किया जाएगा।
वैसे तो इस माह में किसी भी प्रकार के शुभ कार्यों को नहीं किया जाता, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में आप आवश्यक शुभ कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।
1 अगर आप प्रेम-विवाह करना चाहते हैं, तो इस समय कर सकते हैं, कोर्ट मैरिज में किसी प्रकार से खरमास बाधक नहीं बनता।
2 अगर कुंडली में बृहस्पति धनु राशि में हो तो इस स्थिति में भी इस माह में शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
3 नियमित किए जाने वाले शुभ कार्य या धार्मिक अनुष्ठान में खरमास का कोई बंधन नहीं होता। अत: इस प्रकार के कार्य आप इस माह में कर सकते हैं।
4 सीमान्त, जातकर्म और अन्नप्राशन आदि कर्म पहले से तय होने पर इस अवधि में किए जा सकते हैं।
5 अगर आप गया में किसी का श्राद्ध करने वाले हैं तो इसमें भी खरमास का कोई बंधन नहीं होता।
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