Vaishakh purnima : सुखी वैवाहिक जीवन के लिए वैशाख पूर्णिमा के दिन करें ये उपाय
वैसे तो साल में 12 पूर्णिमा होती हैं, लेकिन जब अधिक मास लगता है तो कुल 13 पूर्णिमा पड़ती है। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का काफी महत्वपूर्ण बताया गया है।
5 मई 2023, शुक्रवार को वैशाख पूर्णिमा पड़ रही है। कहते हैं इस दिन भगवान विष्णु के 9वें अवतार गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था, इसलिए इसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। चूंकि भगवान बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक थे इसलिए इस धर्म के लोगों के लिए वैशाख पूर्णिमा का दिन किसी उत्सव से कम नहीं होता है।
इस पूर्णिमा को कूर्म जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। कहते हैं भगवान विष्णु ने इस दिन ही अपना कच्छप अवतार भी लिया था। वैशाख पूर्णिमा के दिन लोग व्रत और पूजा करते हैं। इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा सुनना या पढ़ना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
वैशाख पूर्णिमा की तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार 04 मई, 2023 को रात्रि 11 बजकर 34 मिनट पर वैशाख पूर्णिमा तिथि की शुरूआत होगी। 05 मई 2023 को रात्रि 11 बजकर 03 मिनट पर पूर्णिमा तिथि समाप्त हो जाएगी।
ऐसे में उदया तिथि की मान्यता के अनुसार व्रत और पूजा 5 मई को ही होगी। वैशाख पूर्णिमा के दिन पूजा और स्नान का शुभ मुहूर्त वैशाख पूर्णिमा के दिन सुबह 04 बजकर 12 मिनट से 04 बजकर 55 मिनट के बीच का समय स्नान के लिए उत्तम रहेगा। इसके बाद सुबह 07 बजकर 18 मिनट से सुबह 08 बजकर 58 मिनट की बीच भगवान सत्यनारायण की पूजा का शुभ मुहूर्त है। शाम 6 बजकर 45 मिनट पर चंद्र देव को अर्घ्य देने का शुभ समय है। इस दिन माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। 05 मई 2023, रात्रि 11 बजकर 56 मिनट से 06 मई 2023, को 12 बजकर 39 मिनट के बीच देवी मां की पूजा की जा सकती है।
वैशाख पूर्णिमा का महत्व वैशाख पूर्णिमा के दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। गंगा नदी में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं और कष्ट दूर होते हैं। इसके अलावा इस दिन जरूरतमंदों को दान करना भी बेहद शुभ माना जाता है। पूर्णिमा के दिन चंद्रदेव की भी पूजा की जाती है। लोग चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं। कहते हैं चंद्र देव की पूजा करने से व्यक्ति रोग मुक्त रहता है और उसके जीवन में सुख समृद्धि बनी रहती है।
वैशाख पूर्णिमा के दिन करें ये उपाय
1. यदि आपके वैवाहिक जीवन में परेशानियां बनी रहती हैं तो वैशाख पूर्णिमा के दिन शादीशुदा जोड़े चंद्रदेव को दूध अर्घ्य दें। ऐसा करने से चंद्रमा मजबूत होगा और आपके दांपत्य जीवन में खुशहाली आएगी।
2. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन की कमी दूर होती है। वैशाख पूर्णिमा के दिन भूलकर भी तुलसी का पत्ता न तोड़ें।
3. घर की सुख शांति बनाए रखने और तनाव से छुटकारा पाने के लिए वैशाख पूर्णिमा के दिन आप गीता का पाठ करें। कहते हैं इस दिन गीता का पाठ करने से जगत के पालनहार भगवान विष्णु बेहद प्रसन्न होते हैं।
4. वैशाख पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ की भी पूजा की जाती है। कहते हैं भगवान बुद्ध को बोधि वृक्ष के नीचे ही ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। बोधि वृक्ष पीपल का पेड़ है। इस दिन शक्कर या गुड़ मिलाकर पीपल की जड़ में जल अर्पित करें। इसके अलावा वृक्ष के आगे दीपक जलाएं। ऐसा करने से उग्र ग्रह शांत हो जाएंगे।
5. चंद्र दोष से मुक्ति पाने के लिए भी पूर्णिमा के दिन चंद्र देव की पूजा की जाती है। इस दिन चंद्रमा से जुड़ी चीजें चीनी, चावल, दूध, मोती आदि का दान किया जाता है। इसके अलावा चंद्र दोष को दूर करने के लिए मोती भी धारण किया जाता है।
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